- Topic: Bihar Dakhil Kharij Online Process 2026 | Date: July 10, 2026 | Impact: बिहार में ज़मीन खरीदने वाले, विरासत में पाने वाले, या संपत्ति हस्तांतरण करने वाले सभी नागरिक.
- Key Action: बिहार भूमि पोर्टल पर नए नियमों के साथ ऑनलाइन आवेदन करें और स्थिति ट्रैक करें.
Bihar Dakhil Kharij online step by step 2026 — पूरी जानकारी
अरे भाई लोग, बिहार में ज़मीन से जुड़े कामों को लेकर एक बहुत बड़ी और ज़रूरी खबर है! अगर आपने हाल ही में कोई ज़मीन खरीदी है, या आपको विरासत में कोई प्रॉपर्टी मिली है, तो यह अपडेट आपके लिए सोने पे सुहागा है. बिहार सरकार ने दाखिल-खारिज (Mutation) की पूरी प्रक्रिया को और भी आसान और पारदर्शी बनाने के लिए नए नियम लागू किए हैं और ऑनलाइन सिस्टम को 2026 के लिए पूरी तरह से अपग्रेड कर दिया है. अब आपको दफ्तरों के चक्कर काटने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि घर बैठे ही आप अपनी ज़मीन का दाखिल-खारिज ऑनलाइन कर पाएंगे. ये सिर्फ़ एक बदलाव नहीं, बल्कि ज़मीन के मालिकाना हक़ को सुरक्षित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है. तो चलो, बिना देर किए जानते हैं कि क्या हुआ है और आपको क्या करना चाहिए!
क्या हुआ? — What Happened
बिहार सरकार ने ‘बिहार भूमि पोर्टल’ (biharbhumi.bihar.gov.in) के माध्यम से दाखिल-खारिज (Land Mutation) की ऑनलाइन प्रक्रिया को 2026 के लिए और भी सुव्यवस्थित कर दिया है. पहले, ज़मीन के मालिकाना हक़ को सरकारी रिकॉर्ड में बदलने के लिए लोगों को अंचल कार्यालयों के कई चक्कर लगाने पड़ते थे, जो कि एक थका देने वाला काम था. लेकिन अब, इस पूरी प्रक्रिया को डिजिटल कर दिया गया है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और काम तेज़ी से हो रहा है.
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने 2026 में दाखिल-खारिज के लिए कुछ नए नियम भी लागू किए हैं. इन नियमों का मकसद सरकारी ज़मीनों पर होने वाले अवैध कब्ज़े और धोखाधड़ी को रोकना है. अब हर दाखिल-खारिज आवेदन की सरकारी भूमि सूची से ऑनलाइन मिलान और जांच अनिवार्य होगी. इसका मतलब है कि अधिकारी अब किसी भी आवेदन को मंज़ूर करने से पहले यह सुनिश्चित करेंगे कि जिस ज़मीन का दाखिल-खारिज किया जा रहा है, वह सरकारी ज़मीन तो नहीं है. यदि ज़मीन सरकारी पाई जाती है, तो आवेदन वहीं रोक दिया जाएगा. यह एक बहुत ही अच्छा कदम है, क्योंकि इससे सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और आम लोगों को भी धोखाधड़ी से बचाया जा सकेगा.
इसके साथ ही, आवेदन प्रक्रिया में कुछ और बदलाव भी किए गए हैं, जैसे कि आवेदक का सक्रिय मोबाइल नंबर अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि आवेदन की स्थिति और किसी भी कमी के बारे में तुरंत SMS के ज़रिए जानकारी मिल सके. विक्रेता की जमाबंदी भी ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज होनी चाहिए. अगर आप पैतृक संपत्ति का दाखिल-खारिज करा रहे हैं, तो परिवार के अन्य हिस्सेदारों का सहमति पत्र भी देना अनिवार्य होगा.
ये सारे बदलाव यह सुनिश्चित करते हैं कि ज़मीन से जुड़े मामलों में कोई गड़बड़ी न हो और हर नागरिक को उसका सही हक़ मिले. अब आप घर बैठे ही बिहार भूमि पोर्टल पर जाकर आसानी से अपना दाखिल-खारिज आवेदन कर सकते हैं और उसकी स्थिति भी ट्रैक कर सकते हैं.
Key Details
| पोर्टल का नाम | बिहार भूमि पोर्टल (Bihar Bhumi Portal) |
| सेवा का नाम | दाखिल-खारिज (Mutation) ऑनलाइन आवेदन और स्थिति जांच |
| वर्ष | 2026 |
| आधिकारिक वेबसाइट | biharbhumi.bihar.gov.in |
| आवेदन का तरीका | पूरी तरह से ऑनलाइन |
| आवश्यक दस्तावेज़ (मुख्य) | रजिस्टर्ड सेल डीड (रजिस्ट्री दस्तावेज़), पहचान पत्र (आधार/वोटर ID), खाता और खेसरा विवरण, मोबाइल नंबर. |
| नए नियम | सक्रिय मोबाइल नंबर अनिवार्य, विक्रेता की ऑनलाइन जमाबंदी, पैतृक संपत्ति के लिए परिवार का सहमति पत्र, सरकारी भूमि से मिलान अनिवार्य. |
| आवेदन शुल्क | ऑनलाइन भुगतान (सटीक राशि के लिए आधिकारिक सूचना देखें) |
| आवेदन की समय-सीमा | रजिस्ट्रेशन के 90 दिनों के भीतर आवेदन करना उचित. |
| हेल्पलाइन नंबर | 18003456215 |
| हेल्पलाइन ईमेल | revenuebihar@gmail.com |
किसे फर्क पड़ेगा? — Who Is Affected
- ज़मीन खरीदने वाले नागरिक: जो लोग बिहार में नई ज़मीन खरीद रहे हैं, उन्हें अब नए नियमों के अनुसार ऑनलाइन दाखिल-खारिज कराना होगा.
- विरासत में ज़मीन पाने वाले: जिन लोगों को पूर्वजों से ज़मीन मिली है, उन्हें भी अपने नाम पर रिकॉर्ड अपडेट कराने के लिए इस प्रक्रिया से गुज़रना होगा, खासकर परिवार के सहमति पत्र वाले नियम का ध्यान रखना होगा.
- ज़मीन दान या गिफ्ट में पाने वाले: ऐसे मामलों में भी स्वामित्व बदलने के लिए दाखिल-खारिज अनिवार्य है.
- सरकारी अधिकारी (CO/DM): अंचल अधिकारी (CO) और ज़िलाधिकारी (DM) अब हर आवेदन की सरकारी भूमि सूची से अनिवार्य ऑनलाइन जांच करेंगे, जिससे उनकी जवाबदेही बढ़ेगी.
- अवैध कब्ज़ा करने वाले या धोखाधड़ी करने वाले: नए नियमों से सरकारी ज़मीन पर अवैध जमाबंदी और धोखाधड़ी पर लगाम लगेगी, जिससे ऐसे लोगों की मुश्किलें बढ़ेंगी.
- साइबर कैफे संचालक/सेवा प्रदाता: जो लोग दूसरों के लिए दाखिल-खारिज आवेदन करते हैं, उन्हें नए नियमों और ऑनलाइन प्रक्रिया की पूरी जानकारी होनी चाहिए.
Official Statement
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बिहार में अब ज़मीन के दाखिल-खारिज के जितने भी आवेदन आएंगे, उन सभी का मिलान सबसे पहले सरकारी ज़मीन की लिस्ट से ऑनलाइन किया जाएगा. उन्होंने कहा, “सरकार का मकसद यह है कि कोई भी व्यक्ति धोखाधड़ी या गलत तरीके से सरकारी ज़मीन की जमाबंदी अपने नाम पर न करा सके. इस नए नियम से सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित हो सकेगी.” विभागीय समीक्षा के दौरान सामने आई अनियमितताओं पर भी मंत्री ने सख़्त रुख अपनाते हुए कहा कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी.
अब क्या करें? — What To Do Next
- बिहार भूमि पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले अपने कंप्यूटर या मोबाइल ब्राउज़र में बिहार भूमि की आधिकारिक वेबसाइट biharbhumi.bihar.gov.in खोलें.
- रजिस्टर या लॉगिन करें: अगर आप नए यूज़र हैं, तो ‘पंजीकरण’ (Registration) विकल्प पर क्लिक करके अपना अकाउंट बनाएं. इसमें आपका नाम, जन्मतिथि, लिंग, आधार नंबर, मोबाइल नंबर, ईमेल ID और पता जैसी जानकारी भरनी होगी. अगर पहले से अकाउंट है, तो ‘नागरिक’ (Citizen) विकल्प चुनकर अपने मोबाइल नंबर और OTP के ज़रिए लॉगिन करें.
- ‘ऑनलाइन दाखिल-खारिज आवेदन’ चुनें: होमपेज पर या लॉगिन करने के बाद आपको ‘ऑनलाइन दाखिल-खारिज आवेदन’ (Online Mutation Application) का विकल्प मिलेगा, उस पर क्लिक करें.
- आवेदन फॉर्म भरें: अब आपको अपनी ज़मीन और आवेदक से जुड़ी सभी जानकारी सही-सही भरनी होगी. इसमें ज़िला, अंचल, मौज़ा, खाता नंबर, खेसरा नंबर, ज़मीन का विवरण, क्रेता (खरीदने वाले) और विक्रेता (बेचने वाले) की जानकारी शामिल होगी.
- विक्रेता की ऑनलाइन जमाबंदी जांचें: आवेदन भरने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि जिससे आप ज़मीन खरीद रहे हैं, उसकी जमाबंदी ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज हो. अगर नहीं है, तो पहले उसे ठीक करवाएं, वरना आपका आवेदन रिजेक्ट हो सकता है.
- दस्तावेज़ अपलोड करें: सभी ज़रूरी दस्तावेज़ों (जैसे रजिस्ट्री डीड/सेल डीड, पहचान पत्र, लगान रसीद, वंशावली, सहमति पत्र आदि) को स्कैन करके PDF फॉर्मेट में अपलोड करें. ध्यान रखें कि सभी दस्तावेज़ स्पष्ट और सेल्फ-अटेस्टेड हों और फाइल साइज़ लिमिट (आमतौर पर 2MB से कम) के अंदर हों.
- आवेदन शुल्क का भुगतान करें: ऑनलाइन माध्यम से दाखिल-खारिज का शुल्क जमा करें और भुगतान की रसीद संभाल कर रखें.
- आवेदन सबमिट करें और रसीद प्राप्त करें: सभी जानकारी और दस्तावेज़ भरने के बाद आवेदन सबमिट करें. आपको एक आवेदन संख्या (Case Number) या टेम्परेरी नंबर (Tem Number) मिलेगा. इस रसीद को भविष्य के लिए सुरक्षित रखें.
- आवेदन की स्थिति ट्रैक करें: बिहार भूमि पोर्टल पर ‘दाखिल-खारिज आवेदन स्थिति देखें’ (Dakhil Kharij Application Status) विकल्प पर जाकर अपनी आवेदन संख्या, ज़िला, अंचल और वित्तीय वर्ष के माध्यम से अपने आवेदन की स्थिति चेक करते रहें.
- अप्रूव होने पर रिकॉर्ड जांचें: जब आपका आवेदन ‘स्वीकृत’ (Approved) हो जाए, तो अंचल कार्यालय जाकर यह सुनिश्चित करें कि भौतिक जमाबंदी रजिस्टर-II में भी नए मालिक का नाम दर्ज हो गया है और म्यूटेशन ऑर्डर की हस्ताक्षरित कॉपी अपने पास रखें.
प्रो टिप: अगर आपकी रजिस्ट्री को 90 दिन से ज़्यादा हो गए हैं और आपने अभी तक दाखिल-खारिज नहीं कराया है, तो आपको आवेदन करते समय देरी का कारण बताना होगा.
Related Opportunities
- भू-लगान ऑनलाइन भुगतान: आप बिहार भूमि पोर्टल के ज़रिए अपनी ज़मीन का भू-लगान (Land Revenue) भी ऑनलाइन जमा कर सकते हैं.
- जमाबंदी पंजी-II देखें: अपनी ज़मीन की जमाबंदी पंजी-II ऑनलाइन देख सकते हैं, जो मालिकाना हक़ का एक महत्वपूर्ण रिकॉर्ड है.
- भू-नक्शा देखें: आप अपनी ज़मीन का ऑनलाइन भू-नक्शा भी देख और डाउनलोड कर सकते हैं.
- परिमार्जन पोर्टल: यदि आपके भूमि रिकॉर्ड में कोई गलती है, तो उसे सुधारने के लिए ‘परिमार्जन’ पोर्टल का उपयोग कर सकते हैं.
- बिहार विशेष भूमि सर्वे 2026: बिहार में चल रहे विशेष ज़मीन सर्वे का लाभ उठाएं, खासकर अगर आपकी खतियानी ज़मीन पर अवैध कब्ज़ा है. अपनी वंशावली और खतियान के आधार पर सर्वे अधिकारी के पास अपना दावा पेश करें.
Important Links
| 🌐 Official Source | https://biharbhumi.bihar.gov.in |
| 🔗 परिमार्जन पोर्टल | https://parimarjan.bihar.gov.in |
FAQ — 10 Questions
⚠️ Disclaimer: यह content official sources के आधार पर है।